तेनेसी के राज्यपाल बिल ली ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि वह नाशविल के अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे को डॉली पार्टन के नाम पर बदलने के प्रस्ताव का समर्थन करते हैं। यह प्रस्ताव उस समय आया जब विश्वभर में संगीत प्रेमियों ने इस ८० वर्षीया गायिका के निधन पर शोक व्यक्त किया था। राज्यपाल ने कहा कि यह नाम परिवर्तन पार्टन की अमिट विरासत और कई पीढ़ियों को प्रेरित करने वाले उनके योगदान को सम्मानित करने का एक स्थायी तरीका होगा।
पिछले कुछ हफ्तों में भारत के विभिन्न राज्यों में सार्वजनिक संस्थानों के नाम बदलने को लेकर तीव्र बहसें चल रही थीं। केरल में कृषि विश्वविद्यालय के वीसी नियुक्ति पर गवर्नर ने सरकार की सिफारिश को खारिज कर दिया, जिससे राजनीतिक टकराव उत्पन्न हुआ। इसी तरह तमिलनाडु में नई हवाईअड्डे के विकास के लिए समान विकास की मांग की जा रही थी, जहाँ स्थानीय लोगों ने नामकरण को भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा माना। इन घटनाओं ने नामकरण की राजनीति को सार्वजनिक भावना और राजनैतिक संतुलन के बीच एक संवेदनशील मुद्दा बना दिया है।
बिल ली ने कहा कि उन्होंने पहले ही डॉली पार्टन और उनके प्रतिनिधियों से इस विचार पर चर्चा की है और वे इस प्रस्ताव से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हवाईअड्डे के प्रबंधन के साथ मिलकर इस परिवर्तन को सुगम बनाने के लिये आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस कदम से न केवल पार्टन की स्मृति को सम्मान मिलेगा, बल्कि तेनेसी राज्य की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी। भविष्य में इस प्रकार के नाम परिवर्तन के लिये सार्वजनिक राय और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखकर निर्णय लेना आवश्यक होगा।

