तिरुचि नगर निगम ने आवारा कुत्तों के रेबीज संक्रमण को रोकने हेतु एक व्यापक टीकाकरण अभियान आरम्भ किया है। इस विशेष ड्राइव में तीन अलग‑अलग टीमों को एक पशु चिकित्सक की सहायता से कार्य करने का निर्देश दिया गया है, जिससे प्रतिदिन दो सौ से अधिक निस्पंदित कुत्तों को पहचान कर पकड़ कर बूस्टर खुराक दी जा रही है। इन कुत्तों की कान में निशान लगाकर उनकी पहचान सुनिश्चित की जाती है, जिससे भविष्य में पुनः टीकाकरण आसान हो सके।
यह पहल हाल ही में विश्व स्तर पर हुई कई घटनाओं से प्रेरित है। केवल दो हफ्ते पहले, कनाडा के एक बच्चे को रेबीज से मृत्यु का सामना करना पड़ा, जब वह एक चमगादड़ के संपर्क में आया था। इसी प्रकार, डॉक्टरों के स्वास्थ्य को लेकर चल रहे जागरूकता अभियानों ने यह स्पष्ट किया कि रोग नियंत्रण में समय पर टीकाकरण कितना महत्वपूर्ण है। तिरुचि में डॉक्टरों ने भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को बल मिला है।
आगे चलकर, नगर निगम ने इस कार्यक्रम को निरंतर जारी रखने और अन्य रोगों के खिलाफ भी समान उपाय अपनाने का संकल्प लिया है। पूर्व में अरुणाचल प्रदेश में एस्ट सियांग डॉक्टर संघ ने मानव पापिलोमा वायरस के टीकाकरण के माध्यम से गर्भाशय कैंसर रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाई थी, जो इस प्रकार के सामुदायिक स्वास्थ्य प्रयासों का एक उदाहरण है। तिरुचि का यह कदम न केवल रेबीज के प्रसार को रोकता है, बल्कि शहर के नागरिकों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

