ट्रम्प प्रशासन ने इस वर्ष के पहले अनिवार्य छह‑वर्षीय समीक्षा के दौरान अमेरिकी‑मैक्सिको‑कनाडा समझौते को नवीनीकृत न करने का निर्णय लिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में नई बातचीत की राह खुली। इसी समय, अमेरिकी सरकार ने कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के वित्तीय समर्थन में कटौती की, जिससे संयुक्त राष्ट्र के कई कार्यक्रमों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस पृष्ठभूमि में, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने सदस्य देशों की बकाया रक़म के कारण संस्थान के ‘निकट वित्तीय पतन’ की चेतावनी दी थी।
अब ट्रम्प सरकार ने ७२५ मिलियन डॉलर का भुगतान शुरू कर दिया, जिसे कांग्रेस को एक सूचना के रूप में भेजा गया। इस राशि को संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न शांति मिशनों और मानवीय सहायता कार्यक्रमों में उपयोग किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बकाया रक़म को घटाने की दिशा में एक स्वागत योग्य पहल है, हालांकि यह अभी भी कई बिलियन डॉलर की कुल बकाया का केवल एक छोटा हिस्सा है। वाशिंगटन ने इस भुगतान के पीछे के विशिष्ट कारणों को सार्वजनिक नहीं किया, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में प्रश्न उठे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम ट्रम्प प्रशासन की विदेश नीति में एक रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है, जहाँ वह अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग को फिर से संतुलित करने की कोशिश कर रहा है। पिछले महीनों में, प्रशासन ने कई यूएन एजेंसियों के बजट में कटौती की थी और संस्थान को ‘अपेक्षित क्षमता’ पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगाया था। अब इस हस्तांतरण से संयुक्त राष्ट्र को कुछ राहत मिलने की संभावना है, लेकिन भविष्य में वित्तीय सहयोग की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए अधिक स्पष्ट नीति की आवश्यकता होगी।

