कैमैक स्ट्रीट पर स्थित एक इमारत के शीर्ष पर त्रिनामूल कांग्रेस का बड़ा बिलबोर्ड लगा था, जहाँ अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के रूप में कई कक्ष उपयोग में थे। इस विज्ञापन को हटाने के आदेश पर स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई की, परंतु इस दौरान वरिष्ठ त्रिनामूल नेताओं के बीच तीव्र बहस और शारीरिक टकराव हो गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए कि यह कदम पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा रहा है, जबकि कुछ ने इसे सार्वजनिक स्थानों पर राजनीतिक प्रचार के अनुचित उपयोग के रूप में देखा।
पिछले हफ्ते बुदगाम में शिया समुदाय के दो समूहों के बीच हुए झगड़े में पुलिस ने जांच रिपोर्ट दर्ज की थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक और राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। इसी प्रकार कोलकाता में त्रिनामूल के पूर्व परिषद सदस्य पर जबरन वसूली और उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ी गिरफ्तारी ने भी पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता की छवि को उजागर किया। इन घटनाओं ने त्रिनामूल कांग्रेस के भीतर सत्ता संघर्ष को और तीव्र कर दिया है, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर पार्टी के प्रतीकों की स्थापना पर प्रश्न उठे हैं।
पुलिस ने इस टकराव को शांत करने के बाद विज्ञापन को हटाने का आदेश जारी किया और दोनों पक्षों को आगे की कोई कार्रवाई न करने का निर्देश दिया। इस कदम से यह संकेत मिलता है कि राजनीतिक प्रतीकों की सार्वजनिक जगहों पर स्थापना को लेकर अब अधिक कड़ाई से नियम लागू किए जाएंगे। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिये पार्टी को आंतरिक संवाद को सुदृढ़ करना होगा और सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा।

