जोहान्सबर्ग के ओआर टैम्बो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 20 अगस्त को एक पचास वर्षीया थाई नागरिक को हाथ के सामान में बने घोंसले में पचास तोते के अंडे लेकर पकड़ा गया। अधिकारी बताते हैं कि यह घोंसला विशेष रूप से अंडों को जीवित रखने के लिये तैयार किया गया था और इसे विमानन सुरक्षा जांच के दौरान उजागर किया गया। इस गिरफ्तारी के बाद, उसी दिन के भीतर दूसरे थाई नागरिक को भी समान उद्देश्य से अंडे ले जाने की कोशिश में रोक लिया गया।
पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि यह घटना वन्यजीव तस्करी के बढ़ते खतरे का संकेत है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक समूह न केवल ड्रग्स बल्कि दुर्लभ प्रजातियों के अंडे और पंखों को भी आयात-निर्यात कर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में मेक्सिकन कार्टेल द्वारा दक्षिण अफ्रीकी फार्मों में मेथ लैब स्थापित करने की खबरें इस बात को उजागर करती हैं कि अपराधी नेटवर्क विविध क्षेत्रों में अपनी पकड़ बढ़ा रहे हैं। थाई नागरिकों की गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि सीमा पार आपराधिक संगठनों को रोकने के लिये स्थानीय पुलिस और पर्यावरण एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ रहा है।
दिल्ली पुलिस द्वारा चेन स्नैचर को गोलीबारी के बाद गिरफ्तार करने और पिस्टल व स्कूटर बरामद करने की हालिया कार्रवाई ने भी अंतरराष्ट्रीय अपराध विरोधी प्रयासों को सुदृढ़ किया है। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि विश्व भर में कानून प्रवर्तन एजेंसियां वन्यजीव तस्करी, ड्रग तस्करी और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ एकीकृत रणनीति अपना रही हैं। दक्षिण अफ्रीका की इस कार्रवाई से यह उम्मीद की जाती है कि भविष्य में दुर्लभ प्रजातियों के अंडों की तस्करी को जड़ से खत्म किया जा सकेगा।

