दोपहर के लगभग बारह बजकर बीस मिनट पर दक्षिणी परिसर पुलिस स्टेशन को एक कॉल आया, जिसमें बताया गया कि एक सेना के जवान को होटल के कमरे में लटके हुए पाया गया है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए होटल में प्रवेश किया और मृत शरीर को लटके हुए स्थित में देखा। शव के पास एक लिखित पत्र मिला, जिसमें आत्महत्या का उल्लेख था और वह अपने मनोवैज्ञानिक तनाव के बारे में लिखता था। इस घटना ने दिल्ली में सुरक्षा कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
यह घटना पिछले कुछ महीनों में हुई कई रहस्यमयी मौतों की श्रृंखला में शामिल है। जुलाई में पुरी के एक होटल में युवा की मौत को हत्या का संदेह था, जबकि जून में तेलंगाना में एक सीआईएसएफ जवान को दुर्घटनावश गोली लगी थी। इसी महीने पुरी में एक युवा नर्तकी की भी होटल के स्विमिंग पूल में मृत पाई गई, जिसके परिवार ने हत्या का आरोप लगाया था। इन घटनाओं ने सुरक्षा बलों के भीतर मनोवैज्ञानिक समर्थन और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है।
पुलिस ने कहा कि मामले की गहन जांच की जाएगी और सभी साक्ष्य एकत्रित किए जाएंगे। आत्महत्या पत्र की सामग्री को विशेषज्ञों द्वारा विश्लेषित किया जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि यह वास्तविक आत्महत्या थी या किसी अन्य कारण से हुई। सरकार ने सुरक्षा कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने का वचन दिया है।

