पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार में एक शाम 28 वर्षीय युवक को लाइट पोल के पास गिरते विद्युत तार से गंभीर चोटें आईं और वह तुरंत ही अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी मृत्यु हो गई। मृतक का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया, परन्तु स्थानीय लोगों ने बताया कि वह उस समय अपने घर से बाहर निकला था और अचानक बिजली के झटके से गिर गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस और सार्वजनिक कार्य विभाग ने स्थल की जांच शुरू कर दी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मृतक के गिरने के समय लाइट पोल से कोई स्पष्ट शॉर्ट सर्किट या करंट लीकेज नहीं हुआ था।
सार्वजनिक कार्य विभाग ने कहा कि उन्होंने लाइट पोल की पूरी तकनीकी जाँच की और कोई विद्युत दोष नहीं पाया गया। यह बयान पिछले कुछ हफ्तों में हुई कई समान घटनाओं के बाद आया, जैसे कि दिल्ली के राजकोरी क्षेत्र में थार कार से टकराव में मोटरसाइकिल चालक की मृत्यु और खम्मम‑मुलुगु जिलों में दो व्यक्तियों की बिजली से मौत। इन घटनाओं ने सार्वजनिक सुरक्षा और विद्युत उपकरणों की नियमित जांच की आवश्यकता को उजागर किया है, परन्तु इस मामले में विभाग ने कहा कि लाइट पोल की स्थापना और रखरखाव मानकों के अनुसार किया गया था।
स्थानीय नागरिकों ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की और कहा कि लाइट पोल के आसपास सुरक्षा उपायों को और सुदृढ़ किया जाना चाहिए। कुछ प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि लाइट पोल के पास चेतावनी संकेत और सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए बाड़ें लगाई जाएँ। जबकि विभाग ने कहा कि वर्तमान में कोई तकनीकी त्रुटि नहीं पाई गई, लेकिन भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और जागरूकता अभियानों को बढ़ावा देना आवश्यक है।

