दिल्ली की परिवहन प्राधिकरण ने महिलाओं के लिए 56 विशेष इलेक्ट्रिक बसें तैनात करने का निर्णय लिया है। इन बसों को विशेष रूप से कार्यरत महिलाओं और कॉलेज छात्राओं के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि वे भीड़भाड़ वाले पीक समय में भी आरामदायक और सुरक्षित यात्रा कर सकें। प्रत्येक बस में महिला यात्रियों के लिए अलग सीटिंग व्यवस्था और सुरक्षा कैमरे लगे हैं, जिससे यात्रा के दौरान सुरक्षा का स्तर बढ़ाया गया है।

इन विशेष सेवाओं में 30 महिला विशेष यात्राएँ 15 उच्च-आवश्यकता वाले मार्गों पर और 26 विश्वविद्यालय महिला विशेष यात्राएँ 13 प्रमुख मार्गों पर चलेंगी। विश्वविद्यालय महिला विशेष यात्राओं को अक्सर यू-एस्प्ल (U‑SPL) कहा जाता है, जो छात्रों को उनके शैक्षणिक संस्थानों तक समय पर पहुँचाने में मदद करेगी। इस पहल से न केवल महिलाओं की यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि सार्वजनिक परिवहन के उपयोग में भी वृद्धि होगी।

पिछले दिनों में यूके ने शरणार्थियों के लिए सुरक्षित कानूनी मार्ग खोलने की घोषणा की थी, और अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने के लिए पूर्ण पैमाने पर काफिले की तैयारी की जा रही है। इन घटनाओं ने सार्वजनिक सुरक्षा और विशेष समूहों की जरूरतों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता को उजागर किया है। दिल्ली की यह नई इलेक्ट्रिक बस सेवा उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो महिलाओं को सुरक्षित, पर्यावरण‑मित्र और विश्वसनीय यात्रा विकल्प प्रदान करती है।