जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की नीट और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 18वें दिन में प्रवेश कर गई है। उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र और दिल्ली सरकार से तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप की मांग वाली याचिका पर प्रतिक्रिया मांगी है।
सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल के दौरान कई मांगें रखी हैं, जिनमें नीट और अन्य परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और छात्रों के हितों की रक्षा करने की मांग शामिल है। उनकी भूख हड़ताल को देशभर में समर्थन मिल रहा है, कई छात्र और युवा उनके साथ खड़े हैं।
दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से केंद्र और दिल्ली सरकार से प्रतिक्रिया मांगने के बाद, उम्मीद है कि जल्द ही सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का समाधान निकाला जाएगा। उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, और सभी को उनकी सेहत की फिक्र है।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल ने देशभर में एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया है, जो छात्रों के हितों और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग से जुड़ा है। उनकी मांगें न्यायसंगत हैं, और उम्मीद है कि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर विचार करेगी।

