बिदाड़ी के पास स्थित एक फार्मास्यूटिकल पुनः पैकेजिंग सुविधा से चार करोड़ नब्बे लाख रुपये मूल्य की नकली दवाओं की बराबर बरामदगी ने जांचकर्ताओं को यह संकेत दिया कि यह जाल केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि कई राज्यों में फैला हुआ है। विशेष जांच टीम ने बताया कि इन दवाओं का स्रोत हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और अन्य पड़ोसी राज्यों से है, जहाँ से इन्हें अवैध रूप से लाकर पुनः पैकेज किया जाता है।
पिछले दिनों में ओडिशा क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय गांजा जाल को फाड़ दिया था, जहाँ फटे हुए नोटों के माध्यम से लेन‑देन का पता चला था। इसी प्रकार, राष्ट्रीय अंतरराज्यीय सीनियर चैंपियनशिप में एएफआई अधिकारियों ने प्रतिभागियों के बैगों में सुईयों और प्रतिबंधित पदार्थों की जाँच की थी। इन घटनाओं ने यह स्पष्ट किया कि अंतरराज्यीय अपराधियों का नेटवर्क विभिन्न प्रकार के अवैध व्यापार में संलग्न है, चाहे वह नशा हो या नकली दवाएँ।
ख़ादर, विशेष जांच टीम के प्रमुख ने कहा कि इस जाल को तोड़ने के लिए सभी संबंधित राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस जाँच में वित्तीय लेन‑देनों की जाँच, आपूर्ति श्रृंखला की पहचान और संलग्न व्यक्तियों की गिरफ्तारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस पहल से न केवल नकली दवाओं की आपूर्ति को रोकने की उम्मीद है, बल्कि भविष्य में इस प्रकार के अंतरराज्यीय अपराधी नेटवर्क को भी कमजोर किया जा सकेगा।
