कानपुर। कानपुर नगर निगम की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के छह पार्षदों ने नगर की मेयर प्रमिला पांडेय के खिलाफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायत पत्र भेजा। पार्षदों ने मेयर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि उनकी कार्यप्रणाली और कथित हठधर्मिता के कारण शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा के असंतुष्ट पार्षदों ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में नगर निगम के विभिन्न विकास कार्यों में आ रही बाधाओं का उल्लेख किया है। पार्षदों का कहना है कि जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर समयबद्ध निर्णय नहीं लिए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब भाजपा पार्षद मोनू गुप्ता ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया। फेसबुक पर की गई पोस्ट के बाद नगर निगम की आंतरिक खींचतान खुलकर सामने आ गई और राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई।
बताया जा रहा है कि शिकायत की जानकारी मिलने के बाद मेयर प्रमिला पांडेय ने संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी ली और मामले पर नाराजगी भी जताई। हालांकि, इस मामले में मेयर की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा के भीतर सामने आया यह विवाद आगामी नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्थानीय राजनीति पर असर डाल सकता है। वहीं विपक्षी दल भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री कार्यालय और पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि शिकायत के बाद संगठन और सरकार इस मामले में क्या कदम उठाते हैं तथा नगर निगम के भीतर पैदा हुए इस विवाद का समाधान किस प्रकार निकलता है।
