शिलॉन्ग राज्य ने २ सितंबर को घोषणा की कि छत्रपोश पोस्ट‑मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत ८७,६९१ अनुसूचित जनजाति छात्रों को ९१.०१ करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। यह राशि मुख्यमंत्री कोंराड के. संगमा द्वारा २७ अगस्त को जारी की गई और शिक्षा विभाग ने चार कार्यदिवसों के भीतर सभी लाभार्थियों के खातों में निधि पहुँचाई, जिससे छात्रों को शीघ्र ही आर्थिक राहत मिली।
पिछले पाँच वर्षों में इस छात्रवृत्ति योजना ने १०७ लाख से अधिक छात्रों को समर्थन दिया है, कुल निधि ५,३५० करोड़ रुपये से अधिक रही है। इस व्यापक वित्तीय सहायता ने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिये प्रेरित किया है, जिससे सामाजिक-आर्थिक असमानताओं में कमी आई है। इस वर्ष की वितरण प्रक्रिया को तेज़ और पारदर्शी बनाने के लिये डिजिटल भुगतान प्रणाली को अपनाया गया, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना घटी।
शिलॉन्ग में हाल ही में भारी वर्षा से कई प्रमुख सड़कों, विशेषकर शिलॉन्ग‑डावकी मार्ग, पर गंभीर क्षति हुई, जिससे परिवहन और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई। इस बुनियादी ढाँचे की समस्या के साथ-साथ शहरी पुनरुद्धार के लिये रक्षा भूमि के किराए के मुद्दे भी सामने आए हैं। ऐसी चुनौतियों के बीच शिक्षा में निवेश को प्राथमिकता देना राज्य की दीर्घकालिक विकास रणनीति का अभिन्न हिस्सा है, जिससे भविष्य में आर्थिक और सामाजिक स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
