बेंगलुरु के एक निवासी परिवार ने बताया कि उनके घर में जन्मे तीन महीने के जुड़वां बच्चियों को उनकी माँ ने मार डाला, और फिर वह आत्महत्या करने की कोशिश में लगी। यह घटना पुलिस के हवाले से सामने आई, जहाँ बताया गया कि प्रसव के बाद महिला के व्यवहार में अचानक बदलाव आया था। वह बच्चों से दूरी बनाती रही और बार-बार आश्रम भेजने की बात करती रही, जिससे परिवार को गंभीर चिंता हुई।

पिछले कुछ हफ्तों में राज्य में कई सामाजिक समस्याएँ उभरी हैं, जैसे कर्नाटक में टोल‑फ्री मेहकरी‑हैब्बल टनल का उद्घाटन और ओडिशा में भारी बारिश से उत्पन्न आपदा। इन घटनाओं ने सार्वजनिक सुरक्षा और प्रशासनिक तत्परता पर सवाल उठाए हैं। बेंगलुरु में इस प्रकार की हिंसक घटना ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को उजागर किया है, जिससे नागरिकों को उचित सहायता नहीं मिल पाती।

पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और महिला को हिरासत में ले लिया गया है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि महिला ने आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन बचाव कर्मियों ने उसे रोक लिया। इस दुखद घटना ने सामाजिक संगठनों को चेतावनी दी है कि महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।