चंबा के केइ पैन्योर क्षेत्र में तेज़ बाढ़ ने कई घरों को जलमग्न कर दिया, जिससे कई परिवार असहाय हो गए। स्थानीय लोग मदद के लिए जुटे, परन्तु बाढ़ की तीव्र धारा ने बचाव कार्य को कठिन बना दिया। इस आपदा के बीच दो महिलाएँ, एक नवविवाहित और एक अनुभवी गृहिणी, ने अपने डुपट्टे को लंबी रस्सी में बदल कर फँसे साइकिल चालक की ओर बढ़ाया। उन्होंने डुपट्टे को मजबूती से खींचते हुए उसे सुरक्षित स्थान की ओर ले जाने में मदद की।

साइकिल चालक ने डुपट्टे को मजबूती से पकड़ लिया और परिवार के सदस्यों की मदद से धीरे‑धीरे बाढ़ के प्रवाह से बाहर निकला। इस अद्भुत बचाव को पास में मौजूद एक दर्शक ने कैमरे में कैद किया, जिससे यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना ने लोगों को यह याद दिलाया कि साधारण वस्तुएँ भी आपदा के समय जीवनरक्षक बन सकती हैं, जैसा कि पिछले सप्ताह दिल्ली के राजकोरी क्षेत्र में मोटरसाइकिल चालक की मृत्यु और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ से हुई कई मौतों की खबरों में देखा गया था।

स्थानीय प्रशासन ने इस घटना के बाद तुरंत आपातकालीन सहायता टीमों को तैनात किया और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुँचाई। साथ ही, उन्होंने भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचाव के लिए सामुदायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इस प्रकार, डुपट्टा जैसी साधारण वस्तु ने न केवल एक जीवन बचाया, बल्कि समुदाय में सहयोग और तत्परता की भावना को भी प्रज्वलित किया।