जुलाई के शुरुआती दिनों में जम्मू कश्मीर और लद्दाख में जनगणना 2027 का पहला चरण सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। इस चरण में लगभग छह लाख घरों और सात हजार लद्दाखी घरों ने स्वयं सूचना प्रदान की, जिससे आंकड़ों की विश्वसनीयता में वृद्धि हुई। इस उपलब्धि के बाद, सर्वेक्षण के प्रश्नावली के विवरण पर ध्यान केंद्रित किया गया, विशेषकर उन प्रश्नों पर जो सामाजिक संरचना को मापते हैं।
कुल 40 प्रश्नों में से प्रश्न संख्या 10 ने विशेष चर्चा को जन्म दिया है। यह प्रश्न जाति वर्गीकरण से संबंधित है, जहाँ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अलावा सभी वर्गों को खाली स्थान भरने के रूप में प्रस्तुत किया गया है। विशेषज्ञों का तर्क है कि इस प्रश्न को ड्रॉप‑डाउन विकल्पों के साथ प्रस्तुत किया जाए, जिससे उत्तरदाता स्पष्ट विकल्प चुन सकें और डेटा संग्रहण में त्रुटियों की संभावना घटे।
इस प्रश्न को सरल बनाने के लिए कई सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं। एक प्रस्तावित विधि में पूर्वनिर्धारित विकल्पों की सूची बनाकर उत्तरदाता को चयन करने की सुविधा देना शामिल है, जिससे सामाजिक वर्गीकरण का सटीक रिकॉर्ड तैयार हो सके। दूसरी ओर, यदि खाली स्थान भरने की विधि जारी रहती है, तो उत्तरदाता को सही वर्ग चुनने में कठिनाई हो सकती है, जिससे भविष्य में नीति निर्माण पर असर पड़ सकता है। इन चुनौतियों को देखते हुए, जनगणना प्राधिकरण ने जल्द ही प्रश्नावली में संशोधन करने का संकेत दिया है, ताकि 2027 की जनगणना विश्वसनीय और उपयोगी डेटा प्रदान कर सके।

