जम्मू‑कश्मीर के मुख्य मंत्री ओमर अब्दुल्ला ने राष्ट्रीय स्तर के नेता अमित शाह से मुलाकात की, जो बरसात सत्र की शुरुआत के दिन दिल्ली में आयोजित विरोध के बाद पहली बार हुई। इस बैठक में दोनों ने राज्य की राज्यता को शीघ्र पुनर्स्थापित करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की, जिससे प्रदेश में शांति और विकास की राह आसान हो सके। दोनों नेताओं ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया और आगे के कदमों के लिए एक कार्यसमिति बनाने का प्रस्ताव रखा।
मुख्य मंत्री अब्दुल्ला ने पिछले हफ्तों में कई महत्वपूर्ण मुलाकातें की थीं, जैसे कि राष्ट्रीय वुशु टीम के प्रमुख कोच कुलदीप हैंडू से संवाद, जिसमें खेल के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करने की योजना बनाई गई। इसी प्रकार, उन्होंने विभिन्न विधायकों और सार्वजनिक प्रतिनिधियों से भी विचार-विमर्श किया, जिससे प्रदेश की सामाजिक समस्याओं को समझा और समाधान के लिए सहयोगी मंच स्थापित किया। इन सभी संवादों ने इस मुलाकात के लिए एक ठोस पृष्ठभूमि तैयार की, जिससे राज्यता की पुनर्स्थापना के मुद्दे को व्यापक समर्थन मिला।
अमित शाह ने इस मुलाकात में कहा कि जम्मू‑कश्मीर की राज्यता का प्रश्न राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने प्रदेश में शांति, विकास और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की पूरी सहायता का आश्वासन दिया। मुख्य मंत्री अब्दुल्ला ने भी प्रदेश की जनता की आशाओं को पूरा करने के लिए सभी स्तरों पर सहयोग करने का इरादा व्यक्त किया, जिससे भविष्य में स्थायी शांति और समृद्धि की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके।

