कांग्रेस ने अपने मोनसून‑पश्चात सत्र के लिए एक व्यापक कार्यसूची तैयार की है, जिसमें नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (NEET) पेपर लीक को प्राथमिकता दी गई है। पिछले हफ्तों में भुवनेश्वर और केरल में युवा कांग्रेस ने इस लीक के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठे। कांग्रेस ने इस मुद्दे को संसद में उठाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सत्र के एजेंडा में सीमांकन प्रक्रिया को लेकर उठाए गए प्रश्न भी शामिल हैं। पार्टी ने कहा है कि यदि सीमांकन में किसी भी प्रकार की पक्षपातपूर्ण प्रथा देखी जाती है, तो वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर देती है। इस संदर्भ में कांग्रेस ने सभी राज्यों में समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र आयोग की मांग की है।

वंदे मातरम् के दो पद्यांशों से अधिक नहीं गाने की पार्टी की स्थिति भी इस सत्र में दोहराई गई। यह प्रतिबद्धता महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित परंपरा को सम्मानित करती है। साथ ही, कांग्रेस ने २०२९ के चुनावों में भाजपा के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाने, शिक्षा सुधार और सामाजिक न्याय को प्रमुख मुद्दों के रूप में उठाने का संकल्प लिया है। यह सभी पहलें कांग्रेस की राष्ट्रीय स्तर पर पुनर्स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।