अधीनस्थ राज्य के सोंपुर जिले में प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अठारह करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नई सड़क को केवल तीन महीने बाद ही एक विशाल गड्ढे ने घेर लिया। इस गड्ढे में एक ट्रक फँस गया, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष और प्रशासन पर प्रश्न उठे। निर्माण के बाद नियमित रखरखाव की कमी और जल निकासी प्रणाली की अपर्याप्तता को इस गड्ढे का मुख्य कारण माना जा रहा है।
पिछले कुछ हफ्तों में ओडिशा, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कई सड़क दुर्घटनाएँ घटीं। सोंपुर में एक मिनी‑ट्रक का टक्कर में मरण, बॉयापलेम में ट्रक‑ट्रक टक्कर में तीन लोगों की मृत्यु, तथा महोबा में एक ट्रक का सुरक्षा गाड़ी में टकरा कर विधायक को बचाने की घटना इन सभी में सड़क सुरक्षा की गंभीर कमी स्पष्ट करती है। इन घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि नई सड़कों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी समस्याओं से बचने के लिए निर्माण के दौरान उचित सामग्री चयन, जल निकासी की सही योजना और नियमित निरीक्षण अनिवार्य हैं। साथ ही, स्थानीय प्रशासन को सतत रखरखाव के लिए बजट आवंटित करना चाहिए और सड़क उपयोगकर्ताओं को जागरूक करने के लिए सुरक्षा अभियान चलाना चाहिए। यदि इन उपायों को अपनाया जाए तो भविष्य में ऐसी गड्ढे और दुर्घटनाओं की संभावना कम की जा सकती है।

