उमर खालिद ने अदालत से दो साप्ताहिक ई-मुलाकातें बहाल करने का अनुरोध किया था, जिसमें कहा गया था कि उन्हें जेल में रखने के बाद से यह सुविधा मिली थी, लेकिन मई 2026 से इसे एक सप्ताह में एक ई-मुलाकात तक सीमित कर दिया गया था।

उनके अनुरोध पर अदालत ने सुनवाई की और उमर खालिद को दो साप्ताहिक वीडियो कॉल की सुविधा बहाल करने का आदेश दिया। यह आदेश दिल्ली अदालत द्वारा दिया गया था, जिसने उमर खालिद के अनुरोध को स्वीकार कर लिया था।

उमर खालिद के वकील ने अदालत में तर्क दिया था कि उनके मुवक्किल को जेल में रखने के बाद से दो साप्ताहिक ई-मुलाकातें की सुविधा मिली थी, लेकिन अचानक से इसे एक सप्ताह में एक ई-मुलाकात तक सीमित कर दिया गया था। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया था कि उमर खालिद को दो साप्ताहिक वीडियो कॉल की सुविधा बहाल करने का आदेश दिया जाए।

इस मामले में अदालत का आदेश उमर खालिद के लिए राहत की बात है, जो कि जेल में रखे जाने के बाद से अपने परिवार और मित्रों से संपर्क में रहने के लिए संघर्ष कर रहे थे। अदालत के इस आदेश से उमर खालिद को अपने परिवार और मित्रों से संपर्क में रहने का अवसर मिलेगा।