शिलोंग, 18 जुलाई: मेघालय के उच्च न्यायालय ने एक नाबालिग लड़की की मौत की जांच में संघर्ष के हितों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए नोंगपोह महिला पुलिस स्टेशन से जांच छीन ली है। लड़की ने पुलिस द्वारा पूछताछ के बाद आत्महत्या कर ली थी। न्यायालय ने सीसीटीवी फुटेज को तत्काल जब्त करने का आदेश दिया ताकि उसे बदला न जा सके।
इस मामले में न्यायालय ने कहा है कि पुलिस स्टेशन द्वारा की जा रही जांच में संघर्ष के हितों की संभावना है, जो जांच की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती है। न्यायालय ने यह भी कहा है कि सीसीटीवी फुटेज को जब्त करना आवश्यक है ताकि उसे बदला न जा सके और जांच में सही तथ्य सामने आ सकें।
न्यायालय के इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दे रहा है। न्यायालय ने यह भी कहा है कि जांच को पूरा करने के लिए एक नई टीम का गठन किया जाएगा जो इस मामले की जांच करेगी। यह फैसला नाबालिग लड़की के परिवार और समाज के लिए एक बड़ी राहत है।
इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए न्यायालय ने एक नई तिथि निर्धारित की है। न्यायालय ने कहा है कि जांच टीम को जल्द से जल्द जांच पूरी करनी होगी और अपनी रिपोर्ट न्यायालय को सौंपनी होगी। न्यायालय के इस फैसले से यह उम्मीद है कि इस मामले में न्याय मिलेगा और दोषियों को सजा मिलेगी।
