ब्रातिस्लावा में आयोजित उन्नीस वर्ष से कम आयु विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के अंतिम चरण में भारतीय महिला कुश्ती टीम ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। 68 किलोग्राम वर्ग में मानसी लाथर ने चीन की चेनलिंग सॉन्ग के साथ तीव्र मुकाबला किया, जहाँ उन्होंने केवल कुछ अंक अंतर से स्वर्ण पदक से चूक कर रजत पदक अर्जित किया। इस जीत ने भारत की कुल पदक गिनती में एक महत्वपूर्ण जोड़ किया और टीम के मनोबल को ऊँचा किया।
इसी दौरान तान्वी ने 57 किलोग्राम वर्ग में अपने प्रतिद्वंद्वी को परास्त कर कांस्य पदक सुरक्षित किया। कोमल ने 62 किलोग्राम वर्ग में कठिन प्रतिस्पर्धा के बाद भी अपनी तकनीकी कुशलता से प्रतिद्वंद्वियों को मात दी और कांस्य पदक जीता। दोनों खिलाड़ियों की यह उपलब्धि भारतीय कुश्ती के भविष्य को उज्ज्वल बनाती है और युवा खिलाड़ियों को नई ऊँचाइयों की ओर प्रेरित करती है।
पिछले दिनों में भारतीय नौसेना द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाज़ों की आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने के बाद, खेल मंत्रालय ने विदेश में आयोजित प्रतियोगिताओं के लिए समर्थन को और सुदृढ़ किया है। साथ ही, वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और सोने-चांदी के मूल्यों में उतार-चढ़ाव ने खेलों के वित्तीय पहलुओं को प्रभावित किया है, परंतु इस प्रकार की अंतर्राष्ट्रीय जीतें राष्ट्रीय गर्व को बढ़ाती हैं और खेलों में निवेश को प्रोत्साहित करती हैं।
