भोपाल/नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के बीच बढ़ती तल्खी अब खुलकर सामने आने लगी है। राजनीतिक विश्लेषकों और वरिष्ठ पत्रकारों का दावा है कि पार्टी के भीतर एक बड़ा 'पावर बैटल' चल रहा है। नरोत्तम मिश्रा जैसे कद्दावर और पुराने समर्पित नेताओं को दरकिनार किए जाने से जमीनी कार्यकर्ताओं में भारी निराशा है।

आरोप है कि शीर्ष नेतृत्व अब नई पीढ़ी को आगे लाने के नाम पर उन लोगों को किनारे लगा रहा है जिन्होंने दशकों तक खून-पसीना बहाकर पार्टी को खड़ा किया था। बाहर से आने वाले दलबदलू नेताओं को टिकट और बड़े पद मिलने से भाजपा का आंतरिक अनुशासन पूरी तरह चरमरा गया है। जानकारों का कहना है कि अगर इस आंतरिक अंतर्विरोध और 'तानाशाही रवैये' को जल्द नहीं सुधारा गया, तो आने वाले राज्यों के चुनावों में भाजपा को भीतरघात का एक बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।