गंजाम जिले के एक प्राचीन मंदिर के गर्भगृह में दोपहर के समय एक 12 फुट लंबा राजा साप देखा गया, जिससे मंदिर के पुजारी और भक्तों में घबराहट फैल गई। स्थानीय वन्यजीव संरक्षण अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और साप को सुरक्षित रूप से पकड़ने के लिए विशेष जाल और उपकरणों का उपयोग किया। कई घंटे की सावधानीपूर्वक कोशिशों के बाद साप को बिना किसी चोट के बाहर निकाला गया और उसे निकटवर्ती वन में छोड़ दिया गया।
यह घटना पिछले कुछ दिनों में ओडिशा में सापों से जुड़ी कई अजीब घटनाओं के बाद आई है। केवल एक हफ्ता पहले, ओडिशा के एक गाँव में कोबरा के अंडे फूट कर छोटे सापों का समूह पेड़ के नीचे के छेद से बाहर आया था, जिससे ग्रामीणों में आश्चर्य और भय दोनों उत्पन्न हुए। उसी समय, मेयूरभंज जिले में एक महिला और उसकी बेटी की मृत शरीर बंद घर में मिली, जिससे स्थानीय पुलिस ने हत्या की जांच शुरू की। इन घटनाओं ने वन्यजीव प्रबंधन और सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर किया है।
वन्यजीव संरक्षण विभाग ने कहा कि राजा साप जैसे बड़े सापों का मानव बस्तियों के पास आना अक्सर प्राकृतिक आवास के क्षरण और मानवीय गतिविधियों के कारण होता है। विभाग ने स्थानीय लोगों को सापों को देखे जाने पर तुरंत अधिकारियों को सूचित करने और स्वयं से बचाव करने की सलाह दी। साथ ही, इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीव शिक्षा कार्यक्रमों की आवश्यकता को भी रेखांकित किया, जिससे भविष्य में ऐसे टकराव को कम किया जा सके।

