गोपालपुर औद्योगिक पार्क, टाटा स्टील की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी द्वारा विकसित, लगभग 2,970 एकड़ भूमि पर फैला है और इसे विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक गंतव्य बनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यहाँ आंतरिक सड़कों, विद्युत और जल आपूर्ति, जल निकासी, पर्यावरणीय मंजूरी और बहु‑माध्यमीय कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिल रही है।
पिछले कुछ महीनों में इस पार्क में कई प्रमुख कंपनियों ने अपने प्रोजेक्ट घोषित किए हैं, जैसे कि अवादा ग्रीनएच2, ओसिओर एनर्जी, हाइजेनको, सात्विक सोलर इंडस्ट्रीज, वर्ल्ड ग्रीन एनर्जी, एसआरएफ, एटीसी टायर्स और टाटा स्टील। इन परियोजनाओं में हाइड्रोजन उत्पादन, सौर इनगॉट और वेफ़र निर्माण, टायर उत्पादन और विशेष रसायन निर्माण शामिल हैं, जो सभी हरित ऊर्जा और कम‑कार्बन तकनीकों पर आधारित हैं।
ओडिशा सरकार ने जापान की IHI कॉरपोरेशन, एसीएमई समूह और टाटा स्टील के साथ मिलकर एक 0.4 मिलियन टन वार्षिक हरित अमोनिया संयंत्र की योजना बनाई है, जिसमें जेटी‑लेस फ्लोटिंग टर्मिनल भी शामिल होगा। साथ ही टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड के साथ मिलकर 10,000 करोड़ रुपये के सौर इनगॉट और वेफ़र निर्माण परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरण समझौता भी किया गया है। इन सभी पहलुओं ने गोपालपुर औद्योगिक पार्क को स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क पुरस्कार दिलवाया है, जो भुवनेश्वर में आयोजित स्मार्ट लॉजिस्टिक्स समिट एवं पुरस्कार 2026 में मान्यता प्राप्त हुई।

