भुवनेश्वर के बधलो गाँव में शुक्रवार रात लगभग एक बजकर तीस मिनट पर अज्ञात अपराधियों ने माँ बुढ़ी ठाकुरानी की मूर्ति को जबरन निकाल लिया। यह चोरी स्थानीय निवासियों को चौंका गई और सुबह के समय जब यह पता चला तो क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस को सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंची, जांच शुरू की और चोरी की गई मूर्ति को बरामद करने तथा अपराधियों की पहचान करने के प्रयास तेज कर दिए।
यह घटना ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में बढ़ती मंदिर चोरी की प्रवृत्ति को दर्शाती है। पिछले कुछ महीनों में गंजाम के पालतपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत पालाशपुर गाँव में काली देवी के मंदिर में चोरी, तथा पुरी के दुर्गेश्वर बहारना गाँव में तीन मंदिरों से चांदी-पीतल के आभूषण और नकद की चोरी की रिपोर्टें आई हैं। इन सभी घटनाओं ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर जनता में चिंता बढ़ा दी है।
समुदाय की सतर्कता को बढ़ाने के लिए अन्य क्षेत्रों की घटनाओं का उल्लेख करना उपयोगी है। असम के कामाख्या मंदिर ने वार्षिक अम्बुबाची महायोग के दौरान तीन दिन बंद रहने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित किया, जिससे सुरक्षा उपायों की आवश्यकता स्पष्ट हुई। इसी प्रकार शिलॉन्ग में एक निवासी ने अपने चोरी हुए मोटरसाइकिल को जंगल में खोज कर बरामद किया, जिससे स्थानीय पुलिस की सक्रियता का उदाहरण मिला। इन उदाहरणों से यह स्पष्ट होता है कि धार्मिक और सामाजिक घटनाओं में सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है, और ओडिशा में भी मंदिरों की सुरक्षा के लिए विशेष उपायों की मांग बढ़ रही है।

