फिनटेक फेस्ट २०२६ के मुख्य मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की इस वर्ष ७.८ प्रतिशत की आश्चर्यजनक आर्थिक वृद्धि को उजागर किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच यह वृद्धि भारत की नीति, नवाचार और निवेश के सही दिशा में होने वाले प्रयासों का परिणाम है। इस विकास ने देश को डिजिटल वित्तीय सेवाओं के विस्तार और स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए नई संभावनाएँ प्रदान की हैं।
प्रधानमंत्री ने पिछले कुछ महीनों में भारत द्वारा किए गए अंतरराष्ट्रीय सहयोगों का भी उल्लेख किया। सेशेल्स के राष्ट्रपति के साथ हुए मुलाक़ात में भारत के प्रमुख बुनियादी परियोजनाओं के लिए धन्यवाद व्यक्त किया गया, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की आशा है। साथ ही, ब्रिक्स २०२६ ऊर्जा एजेंडा में वैश्विक दक्षिण को केंद्र में रखकर सतत ऊर्जा समाधान पर बल दिया गया, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय जिम्मेदारी दोनों को बल मिला है।
वित्तीय विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को भी सुदृढ़ करने की बात प्रधानमंत्री ने उजागर की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत की सांस्कृतिक धरोहर को विश्व मंच पर ले जाने में मोदी सरकार की भूमिका की सराहना की, जिससे आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास भी संभव हो रहा है। इस प्रकार, आर्थिक वृद्धि, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सांस्कृतिक गर्व को मिलाकर भारत एक समग्र विकास मॉडल प्रस्तुत कर रहा है।

