यूएई ने इज़राइल द्वारा सीरिया के एक प्रमुख हवाई अड्डे पर किए गए हवाई हमले की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय संप्रभुता के उल्लंघन के रूप में कहा। इस निंदा के पीछे क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव का बड़ा कारण है, जहाँ पिछले हफ्ते अफगानिस्तान की स्थायी मिशन ने पाकिस्तान के सीमा के पास किए गए हवाई हमलों की तीव्र आलोचना की थी। उसी समय, संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर दो बार हवाई हमले किए, जिससे मध्य पूर्व में अस्थिरता और बढ़ गई। इन सभी घटनाओं ने यूएई को अपने विदेश नीति के सिद्धांतों—स्वतंत्रता, निष्पक्षता और शांति—पर पुनः बल देने के लिए प्रेरित किया।
इज़राइल के इस हमले में कई सैनिकों की मौत और कई घायल हुए, जिससे सीरियाई संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन हुआ। यूएई ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध बताया और इज़राइल से तुरंत सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने का आग्रह किया। साथ ही, यूएई ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को इस मुद्दे पर त्वरित चर्चा करने और आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया। इस निंदा में यूएई ने सभी पक्षों से संवाद के माध्यम से विवाद का समाधान करने और नागरिक जनसंख्या को नुकसान से बचाने की अपील की।
इन घटनाओं के प्रकाश में, यूएई ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया। वह मध्य पूर्व के सभी देशों को शांति वार्ता की दिशा में कदम बढ़ाने और किसी भी प्रकार के सैन्य बल प्रयोग से बचने का आह्वान कर रहा है। यूएई का यह कदम न केवल सीरियाई संप्रभुता की रक्षा करता है, बल्कि क्षेत्र में शांति और सहयोग को सुदृढ़ करने की उसकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। अंत में, यूएई ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को इस प्रकार के उल्लंघनों को रोकने के लिए ठोस उपाय करने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी हिंसा को रोका जा सके।

