बिटकॉइन ने पिछले सात दिनों में लगभग 23 प्रतिशत की तेज़ी से वृद्धि कर अपनी कीमत लगभग अठहत्तर हजार अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा दी। इस उछाल के साथ एथेरियम और कई प्रमुख अल्टकॉइन्स ने भी समान दिशा में रैली दिखाई, जिससे कुल क्रिप्टो बाजार का माहौल उत्साहपूर्ण हो गया। निवेशकों ने इस अवधि में बड़े पैमाने पर इटीएफ में धनराशि डालकर इस उछाल को और तेज़ किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस उछाल के पीछे कई कारक मिलकर काम कर रहे हैं। अमेरिकी डॉलर में गिरावट की उम्मीद, ट्रेज़री बायबैक की बढ़ती मात्रा और फ़ेडरल रिज़र्व की मौद्रिक नीति में ढील की आशा ने बाजार में तरलता को बढ़ावा दिया। साथ ही, भारत‑अमेरिका के द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं से जुड़ी आर्थिक सकारात्मकता ने वैश्विक निवेशकों के भरोसे को और मजबूत किया, जिससे क्रिप्टो बाजार में अतिरिक्त पूंजी प्रवाह हुआ।

विश्लेषकों ने कहा कि संस्थागत भागीदारी में सुधार के साथ साथ लाभ‑लेन की संभावना और दीर्घकालिक होल्डरों की संभावित बिक्री जोखिम के रूप में बनी हुई है। यदि फ़ेडरल रिज़र्व की नीति में और अधिक सहजता आती है और इटीएफ में निवेश जारी रहता है, तो बिटकॉइन की कीमत में और वृद्धि की संभावना है। परन्तु, बाजार की अस्थिरता और नियामक कदमों पर भी नज़र रखनी आवश्यक होगी।