जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया ने सेबी को अपने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस दायर किया, जिसमें कुल 4.12 करोड़ शेयरों की पूरी बिक्री‑के‑लिए पेशकश की गई है। इस प्रस्ताव में कंपनी के प्रमोटर तथा निजी निवेशक अपने हिस्से को बाजार में उतारेंगे, जबकि कंपनी को इस प्रक्रिया से कोई प्रत्यक्ष धनराशि नहीं मिलेगी। इस प्रकार का पूर्ण‑बिक्री मॉडल भारतीय शेयर बाजार में कम ही देखा गया है, जिससे निवेशकों को कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन पर अधिक ध्यान देना पड़ेगा।

पिछले वर्ष कंपनी ने 12,650 करोड़ रुपये की आय दर्ज की, जो मुख्यतः फ़्रीडम ऑयल्स जैसे ब्रांडेड तेलों की बढ़ती लोकप्रियता से संभव हुआ। तेल उद्योग में प्रतिस्पर्धा तीव्र होने के बावजूद जेमिनी ने अपने उत्पादों की गुणवत्ता और वितरण नेटवर्क को मजबूत करके बाजार में अपनी पकड़ बढ़ाई है। इस आय वृद्धि ने कंपनी को आईपीओ के माध्यम से अपने पूँजी संरचना को सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान किया, जिससे विस्तार योजनाओं को गति मिल सकेगी।

सेबी द्वारा इस प्रस्ताव की स्वीकृति के बाद, बाजार विशेषज्ञों ने कहा है कि इस आईपीओ से भारतीय उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र में नई निवेश प्रवृत्तियों का उदय हो सकता है। साथ ही, पिछले कुछ महीनों में तकनीकी कंपनियों के आईपीओ में बढ़ती रुचि को देखते हुए, जेमिनी का यह कदम शेयर बाजार में विविधता लाने की संभावना रखता है। निवेशकों को इस प्रस्ताव में भाग लेने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, भविष्य की योजना और उद्योग के जोखिमों का गहन विश्लेषण करना चाहिए।