भारत के सीधे कर संग्रह में 16.4% की वृद्धि हुई है, जो 6.51 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा है। कॉर्पोरेट कर संग्रह में 22% की वृद्धि देखी गई है, जो एक महत्वपूर्ण वृद्धि है। गैर-कॉर्पोरेट कर संग्रह में 11.7% की वृद्धि हुई है, जो व्यापक वृद्धि का संकेत देती है।
इन आंकड़ों से यह पता चलता है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए मजबूत राजस्व वृद्धि हो रही है। इनमें से एक महत्वपूर्ण कारक है कि कर वापसी की मात्रा में भी 14.6% की वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।
इन आंकड़ों के आधार पर, यह कहा जा सकता है कि भारत की अर्थव्यवस्था में मजबूत वृद्धि हो रही है। यह वृद्धि न केवल सीधे कर संग्रह में देखी जा रही है, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव दिख रहा है।
