अगस्त की मध्यावधि में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में उल्लेखनीय खरीदारी की, जिससे कुल मिलाकर १६,६२१ करोड़ रुपये के शुद्ध शेयर खरीदे गए। यह चार लगातार पखवाड़ों में निरंतर शुद्ध प्रवाह का प्रतीक है, जो पिछले सप्ताहों में विदेशी निवेशकों के शुद्ध विक्रय से स्पष्ट रूप से भिन्न है। वित्तीय सेवाओं और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों ने इस अवधि में सबसे अधिक विदेशी पूँजी को आकर्षित किया, जिससे इन सेक्टरों की कीमतों में स्थिरता और उछाल देखा गया।
पिछले कुछ हफ्तों में विदेशी निवेशकों ने २,०८० करोड़ रुपये के शेयर बेचकर शुद्ध विक्रय किया था, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने लगातार खरीदारी जारी रखी। हालांकि, तेल की कीमतों में गिरावट और कॉरपोरेट कमाई की मजबूती ने बाजार के माहौल को सुधारा, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा फिर से बढ़ा। इस बीच, सेंसेक्स और निफ्टी ने भी निवेशकों की सतर्कता के बावजूद स्थिरता दिखाई, जिससे बाजार में संतुलन बना रहा।
वित्तीय क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में विदेशी निवेशकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति भारत की इक्विटी बाजार में दीर्घकालिक सकारात्मक बदलाव का संकेत है। मध्यम आकार की कंपनियों ने भी प्रमुख सेक्टरों में निवेशकों का भरोसा जीत कर अपनी स्थिति को मजबूत किया है। इस प्रकार, विदेशी निवेशकों की निरंतर खरीदारी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रिय भागीदारी मिलकर भारतीय शेयर बाजार को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है।
