आदिलाबाद कलेक्टरate में तेलंगाना कर्मचारियों की संयुक्त कार्रवाई समिति ने आज सुबह एकत्रित होकर लंबित वेतनभत्ते, डिए किस्तों की समय पर भुगतान, ओपीएस की पुनर्स्थापना, बकाया बिलों की सफाई, पदोन्नति और स्वास्थ्य कार्ड के कार्यान्वयन की मांग की। इस प्रदर्शन में विभिन्न विभागों के अधिकारी, पेंशनभोगी और शिक्षकों ने भी भाग लेकर अपनी असंतुष्टि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से इन मुद्दों को अनदेखा किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है।
पिछले कुछ हफ्तों में देश भर में प्रशासनिक लापरवाही के कई उदाहरण सामने आए हैं। 24 जून को पुलिस द्वारा हिरो नॉवाक के गंभीर घाव को आठ मिनट में पहचानने में विफलता ने सार्वजनिक भरोसे को क्षीण किया, जबकि 21 जून को नागालैंड में शिक्षकों ने न्यायालय द्वारा निर्धारित वेतनमान लागू करने की मांग की थी। इसी प्रकार, 2 जुलाई को ओडिशा के सुंदरगढ़ में सेवानिवृत्त शिक्षकों को 20 किलोमीटर की भव्य विदाई यात्रा से सम्मानित किया गया, जिससे शिक्षकों की सामाजिक स्थिति पर प्रकाश पड़ा। इन घटनाओं ने तेलंगाना में भी कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज़ उठाने की प्रेरणा दी।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तत्काल कार्रवाई करने, लंबित भुगतान को साफ़ करने और स्वास्थ्य कार्ड के वितरण को तेज़ करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इन मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आगे बड़े पैमाने पर आंदोलन किए जाएंगे। इस बीच, राज्य सरकार ने कहा कि वह सभी मुद्दों की समीक्षा कर उचित समाधान प्रदान करेगी, परन्तु कर्मचारियों ने स्पष्ट समयसीमा की मांग की है।

