राजा कृष्णमूर्ति, जो भारतीय मूल के अमेरिकी कांग्रेस सदस्य हैं, ने राष्ट्रपति ट्रम्प को एक औपचारिक पत्र लिखते हुए वेनेज़ुएला के तेल समझौते में शामिल संभावित वित्तीय हितों को सार्वजनिक करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस समझौते में ट्रम्प प्रशासन के परिवार, सहयोगी और दानदाताओं के आर्थिक लाभों को स्पष्ट रूप से दर्शाना चाहिए, ताकि अमेरिकी करदाताओं के बड़े निवेश से पहले सभी पक्षों को भरोसा हो सके।

वर्तमान में वेनेज़ुएला दोभुज भूकंप से जूझ रहा है, जहाँ मौतों की संख्या 1,400 से अधिक हो गई है और हजारों लोग घायल तथा बेघर हो गए हैं। इस मानवीय आपदा के मद्देनज़र, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सहायता प्रदान करने के लिए कई पहलें शुरू की हैं, जिनमें भारत की 'ऑपरेशन अमिस्टाड' भी शामिल है। ऐसे में तेल राजस्व का उपयोग कैसे किया जाएगा, इस पर स्पष्टता न होने से सहायता कार्य में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

कृष्णमूर्ति ने यह भी कहा कि पारदर्शिता न केवल अमेरिकी जनता के हित में है, बल्कि वेनेज़ुएला के लोगों के जीवन को बचाने में भी सहायक होगी। उन्होंने ट्रम्प प्रशासन से अनुरोध किया कि वे इस समझौते से जुड़े सभी वित्तीय लेनदेन और हितधारकों की सूची सार्वजनिक करें, ताकि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या हितों के टकराव को रोका जा सके। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूती मिलेगी और वेनेज़ुएला में चल रहे संकट का समाधान तेज़ी से हो सकेगा।