गुजरात में भारत टैक्सी के शुभारम्भ के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वंदे मातरम् के प्रयोग पर माफी की माँग की, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर तीखी बहस छिड़ गई। कांग्रेस ने इस माँग को सरकार की असफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश कहा और कहा कि यह राष्ट्रीय भावना को चोट पहुँचाने वाला कदम है। पार्टी ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सरकार को अपने विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए, न कि ऐतिहासिक गीतों को लेकर विवाद उत्पन्न करना चाहिए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जलराय रामेश ने भी शाह के अंबेडकर और आरएसएस संबंधी बयानों को निंदनीय कहा। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान सामाजिक एकता को नुकसान पहुँचाते हैं और राजनीतिक लाभ के लिए इतिहास को विकृत करने का प्रयास हैं। इस प्रकार की टिप्पणियों ने तेलंगाना में भी राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया, जहाँ दोनों पक्षों के बीच मतभेद पहले से ही गहरे हैं।

अमित शाह की हालिया गतिविधियों में भारत टैक्सी का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार योजना भी शामिल है, जिसका लक्ष्य दो वर्षों में पाँच सौ शहरों में सेवा देना है। विपक्ष का मानना है कि इन विकासात्मक पहलों को राष्ट्रीय भावनात्मक मुद्दों के साथ मिलाकर राजनीतिक समर्थन हासिल करने की कोशिश की जा रही है। इस संदर्भ में कांग्रेस ने कहा कि जनता को वास्तविक विकास चाहिए, न कि प्रतीकात्मक कदमों से भरी राजनीति।