असम में बाढ़ की स्थिति सोमवार को कुछ हद तक सुधरने के संकेत दिखा रही है, परन्तु सिवासागर में एक और व्यक्ति डूबने से इस साल की बाढ़ मृत्यु संख्या 105 तक पहुँच गई। कुल मिलाकर चार जिलों में लगभग 32,000 लोग अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं, जिनमें नागाon जिला सबसे अधिक क्षतिग्रस्त रहा है। इस जिले में फसल, सड़कों और पुलों को गंभीर नुकसान हुआ है, जिससे स्थानीय जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है।
पिछले सप्ताह, लगातार बारिश के कारण असम के छह जिलों में 22,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए थे। उस दौरान धेमाजी में एक रेल पुल का हिस्सा ढह गया, जिससे रेल सेवाओं में बाधा उत्पन्न हुई। 29 जून को प्रकाशित रिपोर्टों में बताया गया था कि बाढ़ ने न केवल लोगों को विस्थापित किया, बल्कि कृषि उत्पादन और परिवहन नेटवर्क को भी नुकसान पहुँचाया। इन घटनाओं ने राज्य सरकार को आपातकालीन राहत कार्य तेज़ करने के लिए प्रेरित किया।
वर्तमान में सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सहायता सामग्री, भोजन और चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं। साथ ही, बुनियादी ढाँचे की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए विशेष फंड आवंटित किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून की तीव्रता बनी रहती है तो भविष्य में और अधिक नुकसान हो सकता है, इसलिए सतत निगरानी और समय पर उपाय आवश्यक हैं।

