अंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आज विधानसभा में मेगा डीएससी‑2025 शिक्षक भर्ती की पारदर्शिता को लेकर अपने दृढ़ रुख को दोहराया। उन्होंने बताया कि इस भर्ती में कुल 15,941 पदों को केवल 148 दिनों में कंप्यूटर‑आधारित परीक्षण (सीबीटी) और योग्यता‑आधारित चयन के माध्यम से भर दिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना नहीं बची। नायडू ने कहा कि यह प्रक्रिया राज्य के शैक्षणिक सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए एक मील का पत्थर है।
मुख्यमंत्री ने पिछले कुछ हफ्तों में किए गए कई सामाजिक कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने 27 जून को वेलिगोंडा परियोजना के विस्थापित लोगों को 300 करोड़ रुपये वितरित करने, 28 जून को डिजिटल पहल के लिए भारती मित्तल के साथ चर्चा करने और 29 जून को एल नीनो से उत्पन्न कृषि चुनौतियों से निपटने के लिए किसानों को समर्थन देने जैसी पहलों को याद किया। इन सभी कार्यों ने राज्य में उनके प्रशासनिक निपुणता और जन‑कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर किया।
नायडू ने विरोधी पार्टी के नेताओं पर “हिट‑एंड‑रन राजनीति” का आरोप लगाते हुए कहा कि वे भर्ती प्रक्रिया को लेकर झूठी खबरें फैला रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई भी उम्मीदवार चयन प्रक्रिया से असंतुष्ट है तो शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से तुरंत समाधान प्राप्त कर सकता है। इस प्रकार, नायडू ने स्पष्ट किया कि मेगा डीएससी भर्ती न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाएगी, बल्कि राज्य के सामाजिक‑आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

