भद्राचलम् में बीआरएस के प्रमुख नेताओं ने विधायक डॉ. टेल्लम वेंकट राव के निजी सहायक कोरला कल्याण कुमार द्वारा चलाए गए नौकरी घोटाले की सच्चाई उजागर करने के लिए एक व्यापक जांच की मांग की है। आरोप है कि उन्होंने एक ऑटो‑रिक्शा चालक को दस लाख रुपये धोखा दिया और कई बेरोजगार युवाओं से करोड़ों रुपये लेकर उनका शोषण किया। इस घोटाले ने स्थानीय जनता में गहरी असंतुष्टि उत्पन्न कर दी है और राजनीतिक दलों के बीच तनाव बढ़ा है।

भद्राचलम् क्षेत्र में पहले भी स्वास्थ्य सेवाओं में स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, जैसा कि पिछले दो हफ्तों में रिपोर्ट किया गया था। साथ ही, ओडिशा में पाठ्यपुस्तक घोटाले को लेकर बीजेडी ने सीबीआई जांच की मांग की थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभिन्न राज्यों में राजनीतिक नेताओं द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त जांच की अपेक्षा की जा रही है। इन पृष्ठभूमियों ने बीआरएस की वर्तमान मांग को और अधिक महत्व दिया है।

यदि सीबीआई इस मामले में शामिल होती है तो यह न केवल घोटाले के पीछे की सच्चाई को उजागर करेगा, बल्कि प्रदेश में राजनीतिक भरोसे को भी पुनर्स्थापित करेगा। विपक्षी दल इस मांग का समर्थन कर रहे हैं और सरकार से पारदर्शी प्रक्रिया की अपेक्षा कर रहे हैं। अंततः, इस जांच के परिणाम से भद्राचलम् के मतदाताओं के भविष्य के चुनावी निर्णयों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।