२२ए प्रतिबंध के कारण कई नागरिकों की संपत्तियों को प्रतिबंधित सूची में जोड़ दिया गया, जिससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इन कठिनाइयों को देखते हुए तेलंगाना में बहुजन राजनैतिक संघ (बीआरएस) ने तुरंत कार्रवाई करने का निर्णय लिया और एक कानूनी सेल की स्थापना की, जिसका उद्देश्य प्रभावित लोगों को मुफ्त कानूनी सलाह और प्रतिनिधित्व प्रदान करना है। यह कदम राज्य के सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

तेलंगाना भवन में स्थित इस कानूनी सेल में दस अनुभवी वकीलों की एक पैनल गठित की गई है, जिन्हें मुख्यमंत्री हरिश राव ने व्यक्तिगत रूप से नियुक्त किया। यह पैनल प्रभावित व्यक्तियों के मामलों की शीघ्र जांच करेगा, आवश्यक दस्तावेज़ तैयार करेगा और न्यायालय में उनका प्रतिनिधित्व करेगा। साथ ही, इस सेल के माध्यम से नागरिकों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया जाएगा और आवश्यकतानुसार सरकारी विभागों से संपर्क स्थापित किया जाएगा।

यह पहल पिछले कुछ महीनों में केंद्र सरकार द्वारा ड्रग्स नियमों में संशोधन और स्वास्थ्य क्षेत्र में स्टेम‑सेल ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत उपचारों के नियमन के साथ तालमेल रखती है, जहाँ सरकार ने सार्वजनिक हित में कई नीतियों को सुदृढ़ किया है। बीआरएस की इस कानूनी सहायता योजना से यह स्पष्ट होता है कि सामाजिक और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में नागरिकों को सुरक्षित और समर्थ बनाने के लिए व्यापक समर्थन आवश्यक है। भविष्य में ऐसी और पहलें राज्य में न्याय और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगी।