राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कक्षा दस से बारह तक के पाठ्यपुस्तकों को नई राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे के अनुरूप मिशन मोड में पुनः तैयार करने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री प्रलाध जोशी ने इस कदम को छात्रों को उन्नत तकनीकी ज्ञान, विशेषकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के सही उपयोग की समझ प्रदान करने के लिए आवश्यक बताया। नई पुस्तकों में एआई के सिद्धांत, नैतिक उपयोग और व्यावहारिक अनुप्रयोगों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।
ओडिशा में हाल ही में प्रकाशित पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों के कारण उत्पन्न विवाद ने पूरे देश में पाठ्यपुस्तक सुधार की आवश्यकता को उजागर किया। ओडिशा सरकार ने त्रुटि‑मुक्त पुस्तकों के लिए सार्वजनिक प्रतिक्रिया आमंत्रित की और संशोधित संस्करण जल्द ही जारी करने का वादा किया। इस अनुभव को ध्यान में रखते हुए, एनसीईआरटी ने सामग्री की सटीकता, तथ्य‑जाँच और समय पर अद्यतन को प्राथमिकता दी है, जिससे भविष्य में समान समस्याओं से बचा जा सके।
नई पुस्तकों का उद्देश्य न केवल शैक्षणिक मानकों को उन्नत करना है, बल्कि छात्रों को डिजिटल युग की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है। एआई के नैतिक पहलुओं को समझाने वाले अध्याय, वास्तविक जीवन के उदाहरण और प्रयोगात्मक गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। इस पहल को उच्च प्राथमिकता दी गई है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर मिशन मोड में तेज़ी से लागू किया जाएगा, ताकि सभी विद्यालयों में समान रूप से लाभ पहुँच सके।

