तेलंगाना में बीआरएस के वरिष्ठ नेता टी हरिश राव ने राजस्व मंत्री पोंगुलेती श्रीनिवास रेड्डी से इस्तीफ़ा माँगा है, क्योंकि 22ए प्रतिबंधित भूमि सूची में निजी संपत्तियों को शामिल करने की प्रक्रिया में अनियमितताएँ उजागर हुई हैं। राव ने कहा कि इस तरह की सूची से आम जनता के अधिकारों का हनन हो रहा है और सरकार को तुरंत इस मुद्दे को स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने इस मांग को विधानसभा में उठाने और एक विस्तृत श्वेत पत्र तैयार करने का प्रस्ताव रखा।
22ए भूमि सूची में शामिल किए गए कई निजी संपत्तियों को लेकर स्थानीय किसान और व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया है। पोंगुलेती मंत्री ने कहा था कि यह कदम भूमि पुनर्वितरण के लिए आवश्यक है, परंतु राव ने इसे सत्ता के दुरुपयोग के रूप में देख कर तीखा विरोध किया। इस विवाद में पिछले कुछ हफ्तों में कई युवा और सामाजिक संगठनों ने भी आवाज़ उठाई, जिससे इस मुद्दे की संवेदनशीलता स्पष्ट हुई।
हरिश राव ने पहले भी पुलिस भर्ती बोर्ड में युवा अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी और सिंगरनी कोयला कंपनी में अनुबंधीय अनियमितताओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे। इन पूर्व घटनाओं ने उनके राजनीतिक प्रतिरोध को और दृढ़ किया है, और अब वे इस भूमि विवाद को भी एक बड़े भ्रष्टाचार के रूप में पेश कर रहे हैं। राव का कहना है कि यदि पोंगुलेती मंत्री इस विवाद को सुलझाने में असफल रहे तो उनका इस्तीफ़ा ही एकमात्र समाधान होगा, जिससे राज्य की भूमि नीतियों में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित हो सके।

