हैदराबाद ब्लैक हॉक्स की अंडर‑२१ टीम ने गोवा में आयोजित गार्डियन्स ट्रॉफी के फाइनल में मेज़बान टीम को तीन‑एक के अंतर से हराकर खिताब अपने नाम किया। यह जीत न केवल टीम की मेहनत का परिणाम थी, बल्कि तेलंगाना के युवा फुटबॉल के विकास में एक नई दिशा का संकेत भी थी। फाइनल में दिखाए गए तेज़ी और सामंजस्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

टीम के प्रमुख खिलाड़ी सार्थक सिंह ने इस मुकाबले में दो गोल और एक असिस्ट करके अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया। उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी और सर्वश्रेष्ठ आक्रमणकर्ता का सम्मान मिला। इस उपलब्धि को देखते हुए राज्य के फुटबॉल संघ ने पिछले महीने सत्या‍ंशु दीप को भारतीय फुटबॉल टीम में चयनित करने की खबर को भी याद किया, जिससे युवा खिलाड़ियों में राष्ट्रीय स्तर पर खेलने की प्रेरणा और बढ़ी है।

खेल के मैदान के बाहर भी विभिन्न सामाजिक आंदोलनों का प्रभाव देखा गया। मेघालय में ईएमआरआई कर्मचारियों द्वारा काली झंडे का प्रदर्शन और ओडिशा में डॉक्टरों का काली बेज़ पहनकर विरोध, इन सभी घटनाओं ने युवा खिलाड़ियों को सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से जोड़ दिया। इस प्रकार, हैदराबाद ब्लैक हॉक्स की जीत ने न केवल खेल जगत में बल्कि सामाजिक चेतना में भी एक सकारात्मक लहर उत्पन्न की है।