भारतीय पॉडियाट्री संघ ने 29‑30 अगस्त को हैदराबाद के मोइनाबाद में आईपीएकॉन 2026 का आयोजन किया है, जिसमें मधुमेह रोगियों के पैर की जटिलताओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। चार सौ से अधिक प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है, जो रोगी देखभाल, घाव प्रबंधन और अंग बचाव के नवीनतम प्रोटोकॉल पर विचार‑विमर्श करेंगे। इस सम्मेलन में व्यावहारिक कार्यशालाओं के माध्यम से उन्नत ड्रेसिंग तकनीक, दबाव‑मुक्त जूते और पुनर्वास उपायों को प्रदर्शित किया जाएगा।

यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा के व्यापक परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण है। हाल ही में गोवा में आयोजित मुफ्त नेत्र स्क्रीनिंग शिविरों ने दिखाया कि सामुदायिक स्तर पर रोग पहचान में सुधार संभव है, जबकि अरुणाचल प्रदेश में बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन द्वारा 180 फुट लंबा बेली पुल पूरा करना रणनीतिक कनेक्टिविटी को सुदृढ़ कर रहा है। इन सभी प्रयासों के समान, आईपीएकॉन का उद्देश्य मधुमेह‑संबंधी जटिलताओं को रोकना और रोगियों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाना है।

सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञ अंतर‑राष्ट्रीय शोध परिणामों को साझा करेंगे और भारतीय चिकित्सकों को नवीनतम उपचार पद्धतियों से परिचित कराएंगे। साथ ही, भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल पॉडियाट्री क्लीनिक स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा होगी, जिससे दूरस्थ इलाकों में भी उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल उपलब्ध हो सके। इस प्रकार, आईपीएकॉन 2026 न केवल वैज्ञानिक ज्ञान का आदान‑प्रदान करेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति में भी सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध होगा।