कोलकाता के एशिया स्टेडियम में आयोजित ड्यूरैंड कप के फाइनल में ईस्ट बंगाल ने मोहन बागन को चार-एक के अंतर से मात दी। शुरुआती मिनटों में ही ईस्ट बंगाल ने आक्रमण किया और पहले गोल की नींव रखी, जिससे विरोधी टीम पर दबाव बढ़ गया। मोहन बागन ने कई बार जवाबी प्रयास किए, परन्तु बचाव में त्रुटियों के कारण लगातार गोल होते रहे।
दूसरे हाफ में एडमंड ललरिंदिका ने तीन गोल करके हैट्रिक किया, जिससे मैच का स्वरूप पूरी तरह बदल गया। उनका पहला गोल तेज़ी से आया, दूसरा गोल कोने से मारते हुए और तीसरा गोल पेनल्टी क्षेत्र में शॉट मारकर। इस शानदार प्रदर्शन ने ईस्ट बंगाल को 17वां ड्यूरैंड कप दिलाया, जो क्लब के इतिहास में रिकॉर्ड बराबर करने वाली उपलब्धि है।
इस जीत के बाद ईस्ट बंगाल के कोच ने कहा कि टीम ने पिछले दो दशकों में धीरज और मेहनत से इस मुकाम तक पहुंची है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पश्चिम बंगाल के प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में राज्य की बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स और निर्माण क्षमता को उजागर किया था, जिससे खेल बुनियादी ढांचे में भी सुधार की उम्मीद है। साथ ही, हालिया अंतरराष्ट्रीय खेल घटनाओं जैसे सेनेगल का इराक पर 5-0 जीत और भारत की महिला अंडर‑19 टीम का श्रीलंका पर 120 रन से जीतना, भारतीय खेल जगत में उत्साह का माहौल बना हुआ है। इस सकारात्मक माहौल में ईस्ट बंगाल का यह विजय पर्व भारतीय फुटबॉल के विकास में नई ऊर्जा का संचार करेगा।

