झारखंड के जिला जांच विभाग ने 2024 की राज्य सेवा आयोग‑सामान्य पद परीक्षा में अनियमितताओं के संदिग्ध में कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी पहले ही दस अन्य संदिग्धों के साथ मिलकर कुल दस गिरफ्तारियों का आंकड़ा बनाती है। उच्च न्यायालय ने सफल उम्मीदवारों के याचिकाओं के बाद परीक्षा रद्दीकरण को स्थगित किया था, जिससे इस मामले की जाँच को कानूनी आधार मिला।
पिछले कुछ हफ्तों में इस प्रकार की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर देश भर में तीव्र प्रतिक्रिया देखी गई। सोनम वांगचुक ने जंतर mantar में भूख हड़ताल शुरू की, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर पुनः परीक्षा की व्यवस्था की गई। तेलंगाना विधानसभा में हरिश राव ने कई करोड़ रुपये की अनियमितताओं पर बहस का अनुरोध किया, जिससे इस प्रकार के भ्रष्टाचार पर राष्ट्रीय चर्चा तेज हुई।
अब जिला जांच विभाग ने सभी गिरफ्तारियों पर विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेज़ों की जांच जारी है। न्यायालय के आदेश के अनुसार, यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता और सार्वजनिक विश्वास को पुनर्स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

