तेलंगाना के कुर्नूल जिले में शशिधर रेड्डी ने एक मीडिया सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान किए गए छह प्रमुख वादों को पूरा नहीं किया, जिससे जनता को बार‑बार आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इन वादों में रोजगार सृजन, कृषि सुधार, जलसंधारण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा शामिल थे, लेकिन इन सभी क्षेत्रों में ठोस कदम नहीं उठाए गए। इस कारण से लोगों में निराशा की लहर दौड़ गई है और अब उन्हें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
पिछले कुछ महीनों में देश भर में कई घटनाएँ इस असंतोष को उजागर करती रही हैं। एएम/एनएस द्वारा एस्सर समूह के प्रमोटरों की व्यक्तिगत गारंटी से जुड़े बैंकों के दावों को संभालने का कदम, राष्ट्रीय सम्मेलन द्वारा दिल्ली में राज्यत्व के लिए विरोध प्रदर्शन का निर्णय, तथा केरल के बजट में वादे न मिलने की स्थिति सभी इस बात की ओर इशारा करती हैं कि राजनीतिक वादों का पालन नहीं हो रहा है। इन घटनाओं ने जनता के भरोसे को और घटा दिया है, जिससे अब सरकार पर दबाव बढ़ गया है।
शशिधर रेड्डी ने कहा कि यदि कांग्रेस अपने वादों को नहीं पूरा करती, तो जनता को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा और बड़े पैमाने पर आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे जनता के हित में ठोस कदम उठाएँ और चुनावी वादों को वास्तविक कार्यों में बदलें। इस प्रकार, तेलंगाना में राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया है और आगामी चुनावों में यह मुद्दा प्रमुख बन सकता है।

