किम जोंग‑उन ने व्लादिमीर पुतिन को लिखे संदेश में कहा कि उत्तर कोरिया‑रूस संबंधों का भविष्य ‘और उत्कृष्ट’ होगा। उन्होंने दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक बताया, जबकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोनों राष्ट्रों की स्थिति को सुदृढ़ करने की बात दोहराई।

पिछले दिनों किम ने उत्तर कोरिया को परमाणु राज्य के रूप में अपनी स्थिति को बनाए रखने को अनिवार्य कहा था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह सुरक्षा के मुद्दे को लेकर अधिक आत्मविश्वासी है। इस संदर्भ में, रूस के साथ सैन्य तकनीक और ऊर्जा सहयोग को बढ़ाने की योजना को वह एक प्रमुख स्तंभ मानते हैं।

इसी समय शिलॉन्ग में ‘का बोस जोंग न्गी’ सार्वजनिक बस योजना को जुलाई से अन्य मार्गों पर विस्तारित करने की घोषणा हुई, जो आर्थिक सहयोग के नए आयाम खोल रही है। यह पहल उत्तर कोरिया‑रूस आर्थिक संबंधों को भी सुदृढ़ कर सकती है, क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापारिक मार्गों का विस्तार संभावित रूप से दोनों पक्षों को लाभ पहुंचाएगा।