केरल में भाजपा के प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि राज्य सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वंदे मातरम् नहीं गाने का निर्णय जानबूझकर किया है। उन्होंने इस निर्णय को यूडीएफ गठबंधन की नीति का हिस्सा बताते हुए इमामिया मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और जामात‑ए‑इस्लामी के दबाव का परिणाम बताया। चंद्रशेखर ने कहा कि इस तरह की राष्ट्रीय भावना के विरुद्ध कार्रवाई से कानूनी कार्रवाई और राजनीतिक दंड दोनों ही अनिवार्य होंगे।

यह बयान हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी देखी गई कड़ी रुख़ की श्रृंखला में जुड़ता है। उदाहरण के तौर पर, 27 जून को पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर हमले के बाद इरान को गंभीर परिणामों की चेतावनी दी थी, और 29 जून को भाजपा ने राम मंदिर दान चोरी के आरोपियों को कानूनी और सामाजिक बहिष्कार का सामना करने की सूचना दी थी। इसी प्रकार, 28 जून को गैंडरबल के जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण ने कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राजनीतिक दल और संस्थाएँ कानूनी उपायों को गंभीरता से ले रहे हैं।

राजीव चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि यदि सरकार वंदे मातरम् को राष्ट्रीय समारोह से बाहर रखती रही तो यह संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के उल्लंघन के रूप में देखा जा सकता है, जिससे न्यायालय में चुनौती का मार्ग खुल सकता है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक धरोहर को सम्मान दें, अन्यथा आगामी चुनावों में यह मुद्दा उनके लिए भारी पड़ सकता है।