भाजपा ने तेलंगाना के प्रमुख नेता केविथा के विकास संबंधी प्रश्नों को नैतिक अधिकार नहीं माना, यह स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि बीआरएस के दस साल के शासन में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएँ पूरी हुईं, जिसमें मध्यवर्ती राजमार्ग पुल भी शामिल है। केविथा ने कहा कि राज्य ने अपने हिस्से की निधि नहीं जारी की, जबकि धर्मपुरी अरविंद ने केंद्र से सहायता प्राप्त की, पर भाजपा ने इसे राजनीतिक आरोप बताया।
पिछले सप्ताह कांग्रेस ने मतदान अधिकार को मौलिक अधिकार बनाने की मांग की, जिससे इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज़ हुई। इस बीच, विभिन्न क्षेत्रों में खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया गया, जैसे कि वन-एट ग्लोबल प्रीमियर में विराट कोहली और अन्य हस्तियों की भागीदारी। इन घटनाओं ने राजनीतिक बहस को और जटिल बना दिया है।
भाजपा ने यह भी कहा कि विकास के प्रश्नों का समाधान प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत आरोपों से। उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति और केंद्र से मिली सहायता को सही दिशा में उपयोग करने की बात दोहराई। केविथा के आरोपों को राजनीतिक रणनीति माना गया, जबकि पार्टी ने भविष्य में अधिक पारदर्शी विकास कार्यों का वादा किया।

