मुख्यमंत्री ए. रेवनथ रेड्डी ने भारतीय जनता पार्टी पर चुनाव आयोग का अपने राजनीतिक लाभ के लिए दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को अपने हाथों में लेकर जनता की आवाज़ को दबाने की कोशिश की है, जिससे राज्य की शांति और विकास दोनों खतरे में पड़ गए हैं। इस संदर्भ में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नरेंद्र मोदी को सबसे खतरनाक व्यक्ति कहा, क्योंकि उनका प्रभाव केवल भारत तक सीमित नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गहरा है।

रेड्डी ने बलराज सिंह की पार्टी को भी निशाना बनाया, जो वोट चोरी के आरोपों के संबंध में मौन रह गई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी राजनीतिक दल अपने मतदाता अधिकारों की रक्षा नहीं करता, तो लोकतंत्र का मूल सिद्धांत ही क्षीण हो जाता है। इस मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने पिछले महीने नलगोंडा में विकास कार्यों की उपेक्षा और व्यक्तिगत हमलों की आलोचना भी की थी, जिससे उनके विरोधियों के साथ संघर्ष की लकीर और स्पष्ट हो गई।

इन सभी बातों के बीच, रेड्डी ने तेलंगाना के कम्युनिस्ट दलों से अपील की कि वे एकजुट होकर भाजपा और अन्य दमनकारी ताकतों के खिलाफ मिलकर संघर्ष करें। उन्होंने कहा कि केवल सामूहिक शक्ति ही इस राजनीतिक अराजकता को समाप्त कर सकती है और राज्य में शांति व विकास को पुनः स्थापित कर सकती है। इस प्रकार उनका बयान तेलंगाना की राजनीति में नई गठबंधन की संभावनाओं को उजागर करता है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर भी इसका प्रभाव देखा जा सकता है।