पोलकम्पली में स्थित कई किसान, जो मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के गृह गाँव कोंडरेड्डीपल्लि के निकट स्थित है, ने बिजली की कमी के विरुद्ध धरना दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें प्रतिदिन केवल नौ‑दस घंटे ही बिजली मिलती है, जिससे उनके कुओँ की पंपिंग में बाधा आती है और फसलों की सिंचाई अधूरी रह जाती है। इस कारण से खेती के काम में देरी और फसल के नुकसान का डर बढ़ गया है।

पिछले कुछ हफ्तों में केटीआर ने भी रेवंत रेड्डी पर किसानों के हितों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया था। केटीआर ने कहा था कि सरकार ने किसानों को दिया गया 'रिथु भरोसा' योजना को लागू नहीं किया और वादे तोड़ दिए। इस संदर्भ में आज का विरोध भी उसी असंतोष का प्रतिबिंब है, जहाँ किसान सरकार की नीतियों को लेकर निराश हैं।

किसानों ने तत्काल पूर्ण बिजली आपूर्ति और सिंचाई के लिए विशेष उपायों की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे भी प्रदर्शन जारी रखेंगे। यह मुद्दा न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राज्य की कृषि नीति पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है, जिससे आगामी चुनावी माहौल में भी इसका असर दिखेगा।